बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच शुरू हुई जुबानी जंग का है। कंगना के ‘Gen Z’ को लेकर दिए गए विवादित बयान पर रामदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए उनके अतीत, बचपन और जवानी तक पर टिप्पणी कर दी। अब कंगना ने भी सोशल मीडिया के जरिए बाबा रामदेव को तीखा जवाब दिया है।

कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में रामदेव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे अपनी निजी जिंदगी और बेडरूम को लेकर टिप्पणी नहीं करने को कहा। इसी के साथ उन्होंने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भी जिक्र किया।
इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर कंगना और रामदेव को आमने-सामने ला दिया है।
कैसे शुरू हुआ कंगना और बाबा रामदेव के बीच विवाद?
दरअसल, विवाद की शुरुआत कंगना रनौत की ‘Gen Z’ को लेकर की गई टिप्पणियों से हुई। जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलन के वीडियो पर कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए नाराजगी जाहिर की थी।
कंगना ने प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो और वहां दिखाई दे रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने एक वर्ग के प्रदर्शनकारियों को लेकर ‘Generation Gutter’ जैसी टिप्पणी की। उनके बयान में खास तौर पर प्रदर्शन में शामिल कुछ युवा महिलाओं को लेकर भी आपत्तिजनक और तीखी टिप्पणियां थीं।
कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार के आधार पर पूरी Gen Z को इस तरह संबोधित करना उचित है।
बाद में कंगना ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका निशाना पूरी Gen Z नहीं थी। उनका दावा था कि वह उन लोगों के व्यवहार की आलोचना कर रही थीं, जिनके वीडियो में उन्हें अभद्र भाषा और अनुशासनहीनता नजर आई।
कंगना ने यह भी तर्क दिया कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत आजादी वहां तक होनी चाहिए, जहां से दूसरे लोगों की स्वतंत्रता और सार्वजनिक मर्यादा प्रभावित न हो। हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ।
बाबा रामदेव ने कंगना को घेरा
इसी विवाद के बीच बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘Generation Gutter’ कहने पर कंगना की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना गलत है।
लेकिन रामदेव की टिप्पणी सिर्फ कंगना के बयान तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कंगना के बचपन, जवानी और पुराने कारनामों का जिक्र करते हुए उनके अपने अतीत पर सवाल खड़े कर दिए।
रामदेव ने कथित तौर पर कहा कि कंगना का युवाओं को ‘गटर’ कहना “बिगड़े हुए दिमाग की निशानी” है और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को भी उनके बयान पर ध्यान देना चाहिए।
यहीं से दोनों के बीच विवाद व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गया।
कंगना का पलटवार- ‘मेरी जवानी या बेडरूम के सपने मत देखो’
रामदेव की टिप्पणी सामने आने के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को उनकी जवानी या बेडरूम को लेकर ‘दिन में सपने’ देखना बंद करना चाहिए।
कंगना ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी के बारे में सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है।
इसके बाद कंगना ने रामदेव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चरित्र का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। कंगना ने अपने जवाब में यह भी लिखा कि उनके मामले में “कोई फ्रॉड नहीं है।”
कंगना ने क्यों उठाया सुप्रीम कोर्ट का मुद्दा?
कंगना ने अपने पलटवार में बाबा रामदेव और पतंजलि से जुड़े 2024 के सुप्रीम कोर्ट मामले का भी उल्लेख किया।
यह मामला पतंजलि आयुर्वेद के कुछ विज्ञापनों और आधुनिक चिकित्सा पद्धति यानी एलोपैथी को लेकर किए गए दावों से जुड़ा था। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के विज्ञापनों और अदालत में दिए गए आश्वासन के उल्लंघन को लेकर कड़ा रुख अपनाया था।
अप्रैल 2024 में बाबा रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण की ओर से माफी भी पेश की गई थी। शुरुआती दौर में सुप्रीम कोर्ट ने उस माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और अदालत ने मामले में बेहद सख्त टिप्पणियां की थीं।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अगस्त 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने बाद की माफी और सुधारात्मक कदमों को देखते हुए बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि के खिलाफ contempt proceedings बंद कर दी थीं। इसलिए इस पुराने मामले को वर्तमान में चल रही सजा या लंबित कार्रवाई के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
अब सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
कंगना के जवाब के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर दोनों पक्षों को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ कंगना के समर्थक इसे उनके खिलाफ की गई निजी टिप्पणी का जवाब बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग बाबा रामदेव के उस तर्क का समर्थन कर रहे हैं जिसमें उन्होंने युवाओं को लेकर कंगना की भाषा पर आपत्ति जताई।
इस पूरे विवाद की खास बात यह है कि शुरुआत Gen Z और छात्र आंदोलन को लेकर हुई थी, लेकिन अब बहस दोनों हस्तियों की निजी जिंदगी और पुराने विवादों तक पहुंच गई है।
फिलहाल कंगना और रामदेव की इस जुबानी जंग ने सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींचा है। आने वाले दिनों में दोनों में से किसी की ओर से नया बयान आता है या नहीं, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।
नोट: इस खबर में कंगना और रामदेव की सोशल मीडिया/मीडिया में सामने आई टिप्पणियों को रिपोर्ट किया गया है। निजी जिंदगी से जुड़े अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में पेश नहीं किया गया है।