Thane Vande Mataram Controversy: महाराष्ट्र के ठाणे में मंगलवार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान ऐसा वाकया हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर ली। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ बजना था, लेकिन उसकी जगह फिल्म ‘पुकार’ से जुड़ा लता मंगेशकर का फिल्मी वर्जन बज गया। मंच पर मौजूद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत तमाम लोग इस दौरान खड़े रहे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। बाद में शिंदे ने मंच से इस गलती के लिए माफी मांगी और अधिकारियों को भविष्य में ऐसी चूक न दोहराने के निर्देश दिए।

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क्या हुआ ठाणे के कार्यक्रम में?
यह मामला ठाणे में आयोजित ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान 2026’ के समापन समारोह से जुड़ा बताया जा रहा है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कई मंत्री और राजनीतिक नेता मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान जब ‘वंदे मातरम्’ बजाने का समय आया तो वहां मौजूद लोग सम्मान में खड़े हो गए। लेकिन कुछ ही देर बाद स्पष्ट हुआ कि ऑडियो सिस्टम से अपेक्षित प्रस्तुति के बजाय फिल्म ‘पुकार’ में इस्तेमाल किया गया वंदे मातरम् का फिल्मी संस्करण चल रहा था।
मंच पर मौजूद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस दौरान खड़े रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाना करीब चार मिनट तक चलता रहा और उसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा।
शिंदे भी रह गए हैरान, फिर मांगी माफी
गलत ऑडियो बजने के बाद मंच पर मौजूद लोगों के सामने असहज स्थिति बन गई। रिपोर्ट के मुताबिक, शिंदे को भी इस बात का एहसास हो गया था कि निर्धारित ट्रैक की जगह दूसरा संस्करण चल रहा है, लेकिन कार्यक्रम के प्रोटोकॉल को देखते हुए वह खड़े रहे।
गाना खत्म होने के बाद शिंदे ने मंच से इस गलती के लिए माफी मांगी। उन्होंने अधिकारियों और कार्यक्रम के आयोजकों को ऐसी चूक दोबारा न होने देने के निर्देश भी दिए।
यानी उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह मामला किसी जानबूझकर किए गए फैसले के बजाय कार्यक्रम के ऑडियो इंतजाम में हुई चूक का था।
सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ VIDEO?
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया कि वंदे मातरम् के लिए खड़े हुए नेता और अधिकारी उस दौरान फिल्मी अंदाज में बज रहे संस्करण के सामने खड़े रहे।
वीडियो में मंच पर मौजूद शिंदे और अन्य लोगों को खड़े देखा जा सकता है। इसी वजह से यह क्लिप तेजी से शेयर होने लगी और लोगों ने कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे गंभीर प्रोटोकॉल चूक बताया, जबकि कुछ ने इसे महज तकनीकी/ऑडियो गलती माना।
एक जरूरी बात: फिल्मी गाना नहीं, ‘वंदे मातरम्’ का फिल्मी संस्करण
इस विवाद को समझने के लिए एक बात साफ करना जरूरी है। यह ऐसा मामला नहीं था कि ‘वंदे मातरम्’ की जगह कोई बिल्कुल अलग फिल्मी गाना बजा दिया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, जो ट्रैक बजा वह लता मंगेशकर की आवाज में फिल्म ‘पुकार’ से जुड़ा ‘वंदे मातरम्’ का फिल्मी संस्करण था। इसी वजह से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
इसलिए खबर को ‘वंदे मातरम् की जगह फिल्मी गाना बजा’ कहने के बजाय ‘वंदे मातरम् की जगह फिल्मी वर्जन बज गया’ कहना ज्यादा सटीक होगा।
उस समय देश में पहले से चर्चा में था ‘वंदे मातरम्’
इस घटना की टाइमिंग भी दिलचस्प है। स्वतंत्रता दिवस के आसपास ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में राजनीतिक बहस पहले से चल रही थी।
भारत सरकार की ओर से इस साल पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ के गायन की घोषणा की गई थी। इस पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इसे देश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया था।
इसी दौरान कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में गाए गए ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भी BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बाद में BJP के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जिस संस्करण को पार्टी कार्यक्रम में गाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से गांधी, नेहरू और सरदार पटेल जैसे नेताओं द्वारा गाए गए संस्करण से जुड़ा था।
ऐसे माहौल में ठाणे के सरकारी कार्यक्रम में हुआ यह ऑडियो कन्फ्यूजन और भी ज्यादा चर्चा में आ गया।
क्या शिंदे ने किसी पर कार्रवाई की?
फिलहाल सामने आई रिपोर्टों में शिंदे द्वारा किसी अधिकारी या आयोजक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की घोषणा की जानकारी नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने के निर्देश दिए।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी ऐसे दावे को तथ्य नहीं माना जाना चाहिए जिसमें बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी अधिकारी पर कार्रवाई या निलंबन की बात कही जा रही हो।
VIDEO ने बढ़ाई चर्चा
ठाणे की यह घटना भले ही कुछ मिनट की थी, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया। खासतौर पर इसलिए क्योंकि कार्यक्रम में मौजूद लोग राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े थे और उसी दौरान फिल्मी रिकॉर्डिंग बज रही थी।
घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यक्रमों में ऑडियो सिस्टम, प्रोटोकॉल और कार्यक्रम प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ठाणे के इस कार्यक्रम में हुआ वंदे मातरम् का ऑडियो कन्फ्यूजन अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। फिल्म ‘पुकार’ से जुड़ा वंदे मातरम् का संस्करण बजने के बाद करीब चार मिनट तक मंच पर मौजूद लोग खड़े रहे और बाद में एकनाथ शिंदे ने गलती के लिए माफी मांगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी इसे एक कार्यक्रमीय/ऑडियो चूक के रूप में दिखाती है। हालांकि, वायरल वीडियो ने इसे राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चा का बड़ा विषय जरूर बना दिया है।