‘मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी’ के बाद चर्चा में आई रुचिका सिंह, जानिए कौन हैं और क्या है पूरा मामला?
नई दिल्ली: NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दिखाई दे रही युवती की पहचान रुचिका सिंह के रूप में बताई जा रही है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में रुचिका सिंह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसकी आलोचना की और कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया कि वीडियो में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
शिकायत के बाद दर्ज हुई जीरो FIR
मामले को लेकर गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल ने नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वायरल वीडियो में दिए गए बयान संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हैं और सामाजिक तनाव पैदा कर सकते हैं।
इसके बाद पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में भेज दिया।
कौन हैं रुचिका सिंह?
सोशल मीडिया और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, रुचिका सिंह की उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है। बताया जाता है कि वह एक ब्यूटी सैलून में काम करती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका संबंध फरीदाबाद से है और वे नोएडा के सेक्टर-168 क्षेत्र में रहती थीं।
हालांकि, इन व्यक्तिगत जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है?
वीडियो वायरल होने के बाद रुचिका सिंह का नाम सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। कई यूजर्स ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही।
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि विवाद बढ़ने के बाद उनका इंस्टाग्राम अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया गया और उनका परिवार घर छोड़ चुका है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
जीरो FIR क्या होती है?
जीरो FIR एक ऐसी कानूनी व्यवस्था है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति घटना किसी भी क्षेत्र में हुई हो, फिर भी अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकता है।
इसके बाद संबंधित पुलिस स्टेशन उस शिकायत को बिना स्थायी FIR नंबर दिए संबंधित क्षेत्र के थाने में भेज देता है, जहां आगे की जांच और कार्रवाई की जाती है।
पुलिस की कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद इसे दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया है क्योंकि कथित घटना जंतर-मंतर इलाके की बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। फिलहाल जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।